आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग एक ऐसी समस्या से गुजर रहे हैं, जिसके बारे में खुलकर बात कम होती है – Low Libido, यानी यौन इच्छा में कमी।
मैंने अपने आसपास और अपने अनुभव में भी देखा है कि यह समस्या किसी एक उम्र या व्यक्ति तक सीमित नहीं है। पुरुष हो या महिला, कोई भी इससे प्रभावित हो सकता है।
इस ब्लॉग में मैं बहुत ही सरल भाषा में आपको इसके कारण और आसान समाधान बताने जा रहा हूँ।
Low Libido क्या होता है?
Low Libido का मतलब है –सेक्स में रुचि कम होना या बिल्कुल मन न करना
यह कभी-कभी होना सामान्य है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक रहे, तो ध्यान देने की जरूरत होती है।

Low Libido के मुख्य कारण
1 तनाव और चिंता (Stress & Anxiety)
आजकल काम का दबाव, पैसे की चिंता या पारिवारिक समस्याएं हमारे दिमाग को थका देती हैं।
जब दिमाग ही परेशान हो, तो शरीर कैसे साथ देगा?
2 हार्मोन का असंतुलन (Hormonal Imbalance)
- पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम होना
- महिलाओं में पीरियड्स, प्रेगनेंसी या मेनोपॉज
ये सभी यौन इच्छा को प्रभावित करते हैं।
3 नींद की कमी
अगर आप ठीक से सो नहीं रहे हैं, तो शरीर थका रहेगा और इच्छा अपने आप कम हो जाएगी।
4 गलत खान-पान
जंक फूड, ज्यादा तेल-मसाला और पोषण की कमी भी libido को कम करती है।
5 रिश्तों में दूरी
पति-पत्नी या पार्टनर के बीच भावनात्मक दूरी भी एक बड़ा कारण है।
जब दिल नहीं जुड़ता, तो शरीर भी साथ नहीं देता।
6 दवाइयों का असर
कुछ दवाइयाँ (जैसे डिप्रेशन या BP की) libido को कम कर सकती हैं।
Low Libido के आसान निवारण (Solutions)
1 तनाव कम करें
- रोज 10–15 मिनट मेडिटेशन करें
- हल्की एक्सरसाइज या योग करें
इससे मन शांत होगा और इच्छा धीरे-धीरे बढ़ेगी
2 सही खान-पान अपनाएं
- दूध, फल, हरी सब्जियाँ खाएं
- ड्राई फ्रूट्स (बादाम, अखरोट) लें
शरीर को ताकत मिलेगी
3 अच्छी नींद लें
- रोज 7–8 घंटे की नींद जरूरी है
यह सबसे आसान और असरदार उपाय है
4 पार्टनर से खुलकर बात करें
- अपनी भावनाएँ शेयर करें
- साथ में समय बिताएं
- इससे रिश्ता मजबूत होगा और libido भी बढ़ेगा
5 डॉक्टर से सलाह लें
अगर समस्या ज्यादा समय से है, तो किसी विशेषज्ञ (Doctor) से जरूर मिलें।
सही जांच और इलाज से जल्दी सुधार हो सकता है
कुछ घरेलू और प्राकृतिक उपाय
- अश्वगंधा (डॉक्टर की सलाह से)
- शहद और दूध
- नियमित योग (जैसे प्राणायाम)
निष्कर्ष (Conclusion)
Low Libido कोई शर्म की बात नहीं है, बल्कि एक सामान्य समस्या है, जिसे सही जानकारी और छोटे-छोटे बदलावों से ठीक किया जा सकता है।
मेरे अनुभव में, जब हम अपने शरीर और मन दोनों का ध्यान रखते हैं, तो यह समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।





