आज जब दुनिया तेजी से केमिकल आधरित दवाओं और इंस्टेंट आराम की और भाग रही है वही आज भी आयुर्वेद का एक प्राचीन औषधीय- मिश्रण त्रिफला प्राकृतिक और संतुलित गुणों के कारण सबसे भरोसे मंद इलाजो में सुमार है । त्रिफला यानि की तीन फलो का संयोजन केवल एक औषधीय पाउडर नहीं बल्कि एक सम्पूर्ण जीवनशैली सुधारक है आइये जानते क्यों इसे आयुर्वेद का सर्वश्रेष्ठ संयोजन कहा जाता है आईये जानते है
क्या है त्रिफला?
त्रिफला तीन औषधीय फलों का प्राकृतिक संयोजन है:
- आंवला (Emblica officinalis) – विटामिन C का प्रमुख स्रोत, शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट।
- हरड़ (Terminalia chebula) – कब्ज को दूर करने वाला और पाचनक्रिया को सुधारने वाला फल।
- बहेरा (Terminalia bellirica) – बलगम को कम करने वाला, फेफड़ों को शुद्ध करने वाला फल।
इन तीनों फलों को सुखाकर समान मात्रा में मिलाकर त्रिफला पाउडर तैयार किया जाता है।
त्रिफला: त्रिदोष संतुलन का मंत्र
आयुर्वेद का मूल सिद्धांत है – शरीर में वात, पित्त और कफ का संतुलन बनाए रखना। त्रिफला इन तीनों दोषों को नियंत्रित करता है।
- हरड़ – वात को संतुलित करती है।
- आंवला – पित्त को शांत करता है।
- बहेरा – कफ को नियंत्रित करता है।
इसीलिए त्रिफला किसी भी प्रकृति (Dosha Type) के व्यक्ति द्वारा सेवन किया जा सकता है—यह सबके लिए समान रूप से लाभकारी है।
त्रिफला: एक जीवनशैली, केवल औषधि नहीं
आयुर्वेद कहता है—
“स्वास्थ्य वह नहीं जो केवल रोग से मुक्त हो, बल्कि वह जो शरीर, मन और आत्मा का संतुलन भी हो।”
त्रिफला इसी संतुलन को बनाए रखने का सरल, सुरक्षित और प्रभावी माध्यम है।
त्रिफला के फायदे
- कब्ज में राहत: रोज़ सोने से पहले त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें।
- पाचन शक्ति मजबूत: पाचन तंत्र को सक्रिय कर गैस, एसिडिटी और अफारा दूर करता है।
- डिटॉक्स के लिए: शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालता है।
- वज़न घटाने में मददगार: मेटाबॉलिज़्म तेज करता है और चर्बी घटाता है।
- बाल और चमकदार बनाए: पेस्ट बनाकर बालों और त्वचा पर लगाने से फायदा।
- आँखों के लिए लाभकारी: त्रिफला जल से धोने पर नेत्र ज्योति बढ़ती है।
- इम्यूनिटी बढ़ाए: रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
- ब्लड शुगर नियंत्रित: शुगर लेवल को संतुलित करता है।
- त्वचा रोगों में राहत: मुंहासे, फुंसी और दाग-धब्बों को दूर करता है।
- जोड़ों के दर्द में लाभकारी: त्रिफला तेल से मालिश करने पर आराम।
- दाँत और मसूड़ों की समस्या में राहत: सूजन और पायरिया कम करता है।
- दीर्घायु का रहस्य: रोज़ त्रिफला लेने से आयु बढ़ती है।
त्रिफला से जुड़े दुर्लभ लेकिन सच्चे तथ्य (Rare but True Facts)
त्रिफला का उल्लेख चरक संहिता और सुश्रुत संहिता दोनों में मिलता है, यानी यह हजारों साल पुरानी औषधि है।
साधु-संत और योगी इसे अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से लेते थे ताकि उनका शरीर शुद्ध और मन शांत बना रहे।
इसे “रसायन औषधि” कहा गया है, जिसका मतलब है– शरीर को पुनर्जीवित करना।
त्रिफला का नियमित सेवन केवल रोगों को ठीक नहीं करता, बल्कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है।
निष्कर्ष :- आधुनिक शोधों में पाया गया है कि त्रिफला में रेडियो-प्रोटेक्टिव गुण होते हैं यानी यह शरीर को रेडिएशन से भी बचा सकता है। लंबे समय तक त्रिफला का सेवन करने वालों को आँखों की रोशनी बढ़ने का अनुभव हुआ है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में कहा गया है—“त्रिफला रसायनं श्रेष्ठं”, यानी सभी रसायनों में त्रिफला सबसे श्रेष्ठ है




