नारियल पानी ; बुखार, डिहाइड्रेशन, हृदय रोग, किडनी समस्या और पाचन तंत्र की कई गड़बड़ियों में लाभकारी है।

नारियल पानी भगवन का एक वरदान है जिसके हर बून्द में सेहत ताजगी होती है । और जब स्वास्थ की बात आती है , तो सबको सबसे पहले याद आता है नारियल पानी । यह ताजगी और पोषण  और प्राकृतिक उपचार है । यह अपने आप में किसी ओषधि से काम नहीं है । ये मरीजों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं । आयुर्वेद  में इसे “महत् आयुर्वेदिक टॉनिक” कहा गया है।

 नारियल पानी क्या है 

  • नारियल पानी यानी नारियल के अंदर पाया जाने वाला पारदर्शी, मीठा और ठंडक देने वाला तरल पेय।
  • यह एक प्राकृतिक, कम कैलोरी वाला पेय है जो शरीर को भरपूर इलेक्ट्रोलाइट्स, मिनरल्स और विटामिन्स से भर देता है।

मरीज़ों के लिए औषधि क्यों है 

  1. तेज बुखार और डिहाइड्रेशन में अमृत समान
    बुखार, उल्टी या दस्त के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। नारियल पानी इनकी भरपाई कर पूरे शरीर को हाइड्रेट और तुरंत एनर्जी प्रदान करता है।
  2.  किडनी रोगियों के लिए रामबाण
    नारियल पानी में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है और सोडियम कम। यह किडनी के डिटॉक्स में मदद करता है और पेशाब के जरिए विषैले तत्व बाहर निकालता है।
  3. डायबिटिक मरीज़ों के लिए सुरक्षित
    नारियल पानी में शुगर लेवल नियंत्रित होता है, जिससे यह डायबिटीज़ के रोगियों के लिए सुरक्षित है। साथ ही यह शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है।
  4. हृदय रोग में लाभकारी
    नारियल पानी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इससे हृदय रोग का ख़तरा घटता है।
  5. पाचन तंत्र के लिए हितकारी
    इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। कब्ज़ और एसिडिटी में भी आराम देता है।
  6. गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी
    गर्भवती महिलाओं में डिहाइड्रेशन, थकान और कमजोरी को दूर करने के लिए नारियल पानी लाभकारी है। यह शिशु और माँ दोनों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखता है।
  7. त्वचा रोग व संक्रमण में प्रभावी
    त्वचा को हाइड्रेट कर, चमक बढ़ाता है। फोड़े-फुंसी, एलर्जी व बैक्टीरियल संक्रमण में नारियल पानी का सेवन और प्रयोग लाभकारी है।

आधुनिक विज्ञान क्या कहता है?

  1. इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर: पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, सोडियम, फॉस्फोरस पाए जाते हैं।
  2. कैलोरी कम: 100ml में लगभग 19 कैलोरी।
  3. शुगर प्राकृतिक: फ्रक्टोज़ और ग्लूकोज़ के रूप में।
  4. एंटीऑक्सीडेंट्स: शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं।
  5. रोग प्रतिरोधक क्षमता: इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है।

कब और कैसे करें सेवन?

  • सुबह खाली पेट: शरीर को हाइड्रेट करने और टॉक्सिन्स बाहर निकालने के लिए सबसे अच्छा समय।
  • दोपहर/उल्टी-दस्त में: हर 3–4 घंटे में एक गिलास नारियल पानी लेना सबसे लाभकारी।
  • व्यायाम/एक्सरसाइज के बाद: इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तुरंत पूरा करता है।

नारियल के अनजाने तथ्य:

  • नारियल पानी ‘ड्रुप’ फल है, न कि सामान्य गुठलीदार फल।
  • ताज़ा नारियल पानी हमेशा स्टरलाइज होता है, इसीलिए आपात स्थिति में इसे ग्लूकोज़ ड्रिप की जगह भी इस्तेमाल किया गया है।
  • नारियल पानी त्वचा को प्राकृतिक SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) प्रदान करता है।
  • गर्भवती महिलाओं को उल्टी और एसिडिटी में राहत देता है।
  • नारियल का दूध (Coconut Milk) नारियल पानी से अलग होता है।
  • नारियल को “Tree of Life” कहा जाता है क्योंकि इसके सभी भाग (पानी, गूदा, तेल, पत्ते, तना) उपयोगी होते हैं।

सावधानियाँ

  • किडनी में पोटैशियम की अधिकता वाले मरीज़ इसे सीमित मात्रा में लें।
  • डायबिटीज़ रोगी शुगर लेवल जाँचते रहें।
  • दिन में 1 से 2 गिलास से अधिक सेवन न करें।

 निष्कर्ष

नारियल पानी सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि सेहत का खजाना है। यह बुखार, डिहाइड्रेशन, हृदय रोग, किडनी समस्या और पाचन तंत्र की कई गड़बड़ियों में लाभकारी है।

Related posts

Leave a Comment