त्रिमद चूर्ण आयुर्वेद का एक क्लासिकल फॉर्मूला है, जो नागरमोथा (Nagarmotha), चित्रक (Chitrak) और विदंग (Vidanga) - इन तीन शक्तिशाली जड़ी-बूटियों के समान अनुपात में मिलाकर तैयार किया जाता है। चाहे आपके पाचन से संबंधित समस्या हो, वात व कफ...
Category: औषधीय पौधा
“मेथी—छोटा पैकेट, बड़ा धमाका!” शरीर के कफ, पित्त और वात—तीनों दोषों को संतुलित करने में समर्थ है।
आयुर्वेद में कहा गया है—"यथानाम तथा गुणाः" यानी जिस पदार्थ का नाम जैसा होता है, उसमें वैसे ही गुण होते हैं। ‘मेथी’—छोटा सा बीज, पर गुणों में विशाल। यह हर भारतीय रसोई में पाई जाती है, लेकिन बहुत कम लोग...
गोक्षुर मूत्र विकारों का शुद्ध प्राकृतिक इलाज !गोक्षुरं बलवर्धनं मूत्रकृच्छ्रहरं परम् ।।
गोक्षुर (Tribulus terrestris), एक छोटी काँटेदार बेल है जो भारत के मैदानी क्षेत्रों में विशेष रूप से पाई जाती है। आयुर्वेद में इसे “वृष्य”, “बल्य" और "मूत्रल” गुणों के कारण अत्यंत प्रभावशाली औषधि माना गया है। इसका उपयोग हजारों वर्षों...
तुलसी-आयुर्वेद की सर्वोत्तम ओषधि ही नहीं बल्कि हर घर आध्यतम की देवी माता! भी है ।
बारिश का मौसम जैसे ही आता है वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे संक्रमण रोग , वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, पेट से संबंधी रोग और स्किन इंफेक्शन जैसे अन्य समस्याएं तेज़ हो जाती हैं। ऐसे में यदि कोई एक जड़ी-बूटी...
पाचन से प्रतिरोधक शक्ति तक! वात-कफ नाशक रत्न है अजवाइन .
घर की रसोई में रखा एक छोटा सा मसाला - अजवाइन (Ajwain) - न सिर्फ भोजन का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि यह पाचन तंत्र से लेकर सर्दी-खांसी, त्वचा रोग और वजन नियंत्रण तक में चमत्कारी लाभ करता है। आयुर्वेद इसे...
प्याज: सिर्फ़ एक स्वादिष्ट सब्ज़ी ही नहीं, बल्कि एक आयुर्वेदिक औषधि भी है
प्याज भारतीय रसोई का एक ज़रूरी हिस्सा है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, प्याज (पलांडू) एक बेहतरीन औषधि है। इसका उपयोग प्राचीन काल से ही पाचन, त्वचा, बाल, हृदय, यौन स्वास्थ्य जैसी समस्याओं में किया जाता रहा है। चरक संहिता और...
लहसुन – रसोई और औषधि का खजाना जो हर मौसम में खाया जाता है ।
लहसुन सिर्फ़ स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि प्राचीन काल से औषधीय गुणों से भरपूर एक चमत्कारी जड़ है। आयुर्वेद, यूनानी और आधुनिक चिकित्सा - सभी इसे रोगनाशक मानते हैं। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने,...
तोरी: स्वाद में सादी, सेहत में असरदार – गुणों का भंडार! तोरी, जिसे अक्सर हम हल्की और साधारण सब्जी मानते हैं, वास्तव में पोषण और स्वास्थ्य गुणों का एक अद्भुत स्रोत है।
तोरी यानी स्पंज लौकी - भारत के हर हिस्से में पाई जाने वाली यह हरी सब्ज़ी आयुर्वेद की नज़र से जितनी आम लगती है, उतनी ही आम भी है। चाहे व्रत हो, बीमारी हो, पेट की समस्या हो या लिवर...
शरीर को फिर से बनाती है युवा ! हर रोग की एक ही पुरानी दवा पुनर्नवा!
जब बात हो शरीर को फिर से नया, ऊर्जावान और रोगमुक्त बनाने की, तो आयुर्वेद सबसे पहले जिस औषधि का नाम लेता है, वह है - पुनर्नवा । संस्कृत में "पुनः" का अर्थ है फिर से, और "नवा" का अर्थ...
लौकी : हर थाली की सादी, पर सबसे प्रभावी, सब्ज़ी! हल्की और पचने में आसान
आमतौर पर लोग लौकी को एक "बोरिंग सब्जी " मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह एक ऐसी औषधीय वनस्पति है जो शरीर को अंदर से शुद्ध, शांत और संतुलित बनाती है। लौकी (Bottle Gourd) सिर्फ पाचन के लिए ही...



