पित्त की पथरी आज के समय में एक आम बीमारी बन गई है। बदलती जीवन शैली , बहुत ज्यादा मात्रा में तैलीय , चिकनाई युक्त भोजन , बढ़ता तनाव और अनियमित दिनचर्या इसका प्रमुख कारण है। पित्ताशय (Gallbladder) में जब...
Category: डाइट और फिटनेस
उल्टी: शरीर के दोषो के असंतुलित अवस्था का संकेत है
क्या अपने कभी महसूस किया है की अचानक पेट में मरोड़ उठी और उल्टी हो गई ?अक्सर लोग इसे पाचन की की गड़बड़ी मन कर नजरअंदाज कर देते है जबकि आयर्वेद छर्दि रोग कहा गया , और यह शरीर के...
आयुर्वेद को अपनाएं, हृदय को स्वस्थ बनाएं..
कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा चिकना पदार्थ होता है ,जो हमारे शरीर में प्रतीक कोशिका में पाया जाता है। यह शरीर के हार्मोन ,विटामिन डी को पचाने में सहायक पित्त रस के उत्पादन के लिए आवश्यक है। लेकिन जब इसकी मात्रा...
बड़ी इलाइची स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना भी है
आज के समय में मसालों को केवल रसोई तक ही सीमित समझा जाता है, लेकिन आयुर्वेद में हर मसाले को औषधि का दर्जा मिला है। इन्हीं में से एक है काली इलायची (Big Cardamom / Badi Elaichi)। यह न केवल...
स्वस्थ दांत, उज्ज्वल मुस्कान और निरोगी जीवन की पहली सीढ़ी हैं।”
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग दांतों की देखभाल पर उतना ध्यान नहीं दे पाते, जिसके कारण दांतों में सड़न, पायरिया, मसूड़ों से खून आना और सांस की बदबू जैसी समस्याएँ आम हो गई हैं। मुँह की सेहत केवल...
कंधे के दर्द और जकड़न जिसे चिकित्सा भाषा में फ्रोजन शोल्डर कहा जाता है ,यह रोग मुख्यतः वात दोष की वृद्धि से होता
कंधे के दर्द और जकड़न जिसे चिकित्सा भाषा में फ्रोजन शोल्डर कहा जाता है आज कल सिर्फ बुजर्गो में ही नहीं ,बल्कि बल्कि युवा और माध्यम आयु वर्ग में भी तेजी से बढ़ रहा है। आधुनिक चिकत्सा में इसे Adhesive...
कमर दर्द केवल हड्डियों या मांसपेशियों का मामला नहीं बल्कि यह वात दोष की वृद्धि और शरीर की क्षीणता का भी संकेत हो सकता है
आज के समय में हर उम्र के लोग कमर दर्द से परेशान रहते है। झा यह समस्या पहले उम्रदराज लोगो में देखि जाती थी। वही अब २०-३० साल के युवा भी इस से परेशान रहते है। आयुर्वेद के अनुसार कमर...
द्राक्षासवः आयुर्वेदिक टॉनिक – सेहत का मीठा राज़ , वात और पित्त को संतुलित करता है
द्राक्षासव आयुर्वेद का एक अत्यंत प्रसिद्ध और प्रभावशाली आसव आरिष्ट वर्ग का हर्बल टॉनिक है, जो विशेष रूप से द्राक्षा (अंगूर) से निर्मित होता है। यह एक मधुर और बलवर्धक औषधि है जो विशेष रूप से पाचन, भूख, थकावट, एनीमिया...
दलिया: आयर्वेद के अनुसार एक मध्य-गुणकारी आहार है , जो वात, पित्त और कफ तीनों दोषो को संतुलित करने में सहायता करता है।
आज की भाग दौड़ की जिंदगी में स्वास्थवर्ध्क खाने का चुनाव करना जितना मुश्किल हो गया है। उससे मुश्किल हो गया है उसको चुनना। ऐसे में दलिया एक ऐसा सुपर फ़ूड है जो न केवल स्वादिष्ट है बल्कि उतना पोषण...
“मेथी—छोटा पैकेट, बड़ा धमाका!” शरीर के कफ, पित्त और वात—तीनों दोषों को संतुलित करने में समर्थ है।
आयुर्वेद में कहा गया है—"यथानाम तथा गुणाः" यानी जिस पदार्थ का नाम जैसा होता है, उसमें वैसे ही गुण होते हैं। ‘मेथी’—छोटा सा बीज, पर गुणों में विशाल। यह हर भारतीय रसोई में पाई जाती है, लेकिन बहुत कम लोग...




