बरसात का मौसम आते ही वातावरण में नमी और कीटाणुओं की मात्रा बढ़ जाती है। इससे त्वचा संक्रमण, जलजनित रोग, गले की समस्याएं, और घावों का देर से भरना जैसी परेशानियाँ आम हो जाती हैं। ऐसे समय में यदि कोई...
Category: घरेलू नुस्खे
गर्म पानी: बरसात में पीना और नहाना किसी औषधि से कम नहीं !
बरसात का मौसम जैसे ही दस्तक देता है, मौसम में ठंडक, नमी और आद्रता बढ़ जाती है। हवा में ताज़गी होती है लेकिन साथ ही बढ़ जाता है इंफेक्शन का खतरा । सड़कों पर पानी भर जाता है, खानपान अस्त-व्यस्त...
यूरिक एसिड शरीर में दर्द के साथ सूजन भी बढ़ाता है , इसका इलाज आयुर्वेद और प्राकृतिक उपचार में ही संभव है
यूरिक एसिड एक ऐसी समस्या है जिसमें शरीर में प्यूरीन नामक तत्व के टूटने से बनने वाला अपशिष्ट पदार्थ बढ़ जाता है। जब यह यूरिक एसिड जोड़ों में जमा होने लगता है, तो गठिया जैसी दर्दनाक बीमारी का कारण बनता...
प्याज: सिर्फ़ एक स्वादिष्ट सब्ज़ी ही नहीं, बल्कि एक आयुर्वेदिक औषधि भी है
प्याज भारतीय रसोई का एक ज़रूरी हिस्सा है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, प्याज (पलांडू) एक बेहतरीन औषधि है। इसका उपयोग प्राचीन काल से ही पाचन, त्वचा, बाल, हृदय, यौन स्वास्थ्य जैसी समस्याओं में किया जाता रहा है। चरक संहिता और...
लहसुन – रसोई और औषधि का खजाना जो हर मौसम में खाया जाता है ।
लहसुन सिर्फ़ स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि प्राचीन काल से औषधीय गुणों से भरपूर एक चमत्कारी जड़ है। आयुर्वेद, यूनानी और आधुनिक चिकित्सा - सभी इसे रोगनाशक मानते हैं। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने,...
आयुर्वेद से करें स्किन डिटॉक्स और पाएं प्राकृतिक निखार!
आज की दुनिया में जहां केमिकल्स और कॉस्मेटिक्स का बोलबाला है, वहीं आयुर्वेद हमें सौंदर्य की ओर लौटने का एक शुद्ध और प्राकृतिक रास्ता दिखाता है। त्वचा केवल सुंदरता का प्रतीक ही नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य का आईना भी होती...
तोरी: स्वाद में सादी, सेहत में असरदार – गुणों का भंडार! तोरी, जिसे अक्सर हम हल्की और साधारण सब्जी मानते हैं, वास्तव में पोषण और स्वास्थ्य गुणों का एक अद्भुत स्रोत है।
तोरी यानी स्पंज लौकी - भारत के हर हिस्से में पाई जाने वाली यह हरी सब्ज़ी आयुर्वेद की नज़र से जितनी आम लगती है, उतनी ही आम भी है। चाहे व्रत हो, बीमारी हो, पेट की समस्या हो या लिवर...
शरीर को फिर से बनाती है युवा ! हर रोग की एक ही पुरानी दवा पुनर्नवा!
जब बात हो शरीर को फिर से नया, ऊर्जावान और रोगमुक्त बनाने की, तो आयुर्वेद सबसे पहले जिस औषधि का नाम लेता है, वह है - पुनर्नवा । संस्कृत में "पुनः" का अर्थ है फिर से, और "नवा" का अर्थ...
लौकी : हर थाली की सादी, पर सबसे प्रभावी, सब्ज़ी! हल्की और पचने में आसान
आमतौर पर लोग लौकी को एक "बोरिंग सब्जी " मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह एक ऐसी औषधीय वनस्पति है जो शरीर को अंदर से शुद्ध, शांत और संतुलित बनाती है। लौकी (Bottle Gourd) सिर्फ पाचन के लिए ही...
मुलेठी आयुर्वेद की एक मीठी संजीवनी है , यह हर घर की रसोई में होनी चाहिए
"मुलेठी"। एक ऐसा नाम जो सुनते ही जुबान पर मिठास घोल देता है। प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में इसका एक विशिष्ट स्थान है, न केवल स्वाद में, बल्कि इसके शीतलता, बलवर्धक, रोगनाशक और संजीवनी गुणों के कारण भी। संस्कृत नाम:...



