वक़्त हो रहा था सुबह के ठीक 3:00 बजे। सहारनपुर की ठंडक और गहरी खामोशी को चीरते हुए मैंने अपनी गाड़ी का इंजन स्टार्ट किया। मंज़िल थी जयपुर। खुली सड़क थी और मन में था एक अनजाना रोमांच। इस तरह...
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भाप लेना या स्टीम थेरेपी कोई नया इलाज नहीं हैबल्कि यह भारत की परंपरागत चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद का एक अहम हिस्सा रहा है
भाप लेना या स्टीम थेरेपी कोई नया इलाज नहीं है, बल्कि यह भारत की परंपरागत चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद का एक अहम हिस्सा रहा है। पुराने समय में जब दादी-नानी घर पर भाप के बड़े-बड़े पतीले रखते थे, तो यह सिर्फ...
अल्सरेटिव कोलाइटिस केवल पाचन का नहीं बल्कि तनाव और जीवनशैली का रोग है
अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative Colitis) बड़ी आँत (Large Intestine) और गुदा (Rectum) में होने वाली सूजन और घाव (Ulcer) की अवस्था है। यह एक प्रकार की आंतों की सूजन (Inflammatory Bowel Disease) है, जिसमें मल में खून, दर्द और कमजोरी जैसे...
आँवला शीतल, पाचक और आयुर्वर्धक है।
भारत मे एक ऐसा फल पाया जाता है । जिसे अमृत फल कहा जाता है । जहा कुछ विदेशी फल ऐवकाडो ओर ऑरेंज को आधुनिक स्वास्थ का प्रतीक माना गया है । वहीं आयुर्वेदिक दृष्टि से आँवला न केवल उनसे...
बार-बार पेट में दर्द, गैस, दस्त या कब्ज़ की समस्या होती रहती है; कही आप को आईबीएस तो नहीं, आज के आधुनिक जीवन शैली की बड़ी समस्या बनती जा रही है
क्या आईबीएस क्या है ? आज के आधुनिक जीवन शैली की बड़ी समस्या बनती जा रही है । आजकल पेट और पाचन की बीमारिया तेजी से बढ़ती जा रही है । इन्ही में से एक है आईबीएस (Irritable Bowel Syndrome) ...
नारियल पानी ; बुखार, डिहाइड्रेशन, हृदय रोग, किडनी समस्या और पाचन तंत्र की कई गड़बड़ियों में लाभकारी है।
नारियल पानी भगवन का एक वरदान है जिसके हर बून्द में सेहत ताजगी होती है । और जब स्वास्थ की बात आती है , तो सबको सबसे पहले याद आता है नारियल पानी । यह ताजगी और पोषण और प्राकृतिक...
मूत्राशय; जो त्रिदोष संतुलन बनाय रखने ओर शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त रखने का प्रमुख केंद्र है
शरीर का एक महतपूर्ण अंग है मूत्राशय , जो की शरीर की शुद्धि ओर संतुलन मे बेहद महतपूर्ण भूमिका निभाता है । आयुर्वेद मे मूत्राशय को " मूत्राशय धातु " का हिस्सा माना गया है । जो त्रिदोष संतुलन बनाय...
`यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और संबंधित समस्याओं (जैसे कमज़ोरी, शीघ्रपतन, या कामेच्छा की कमी) को दूर करने के लिए कई जड़ी-बूटियाँ हैं जिनका उपयोग पारंपरिक रूप से यौन शक्ति और स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए किया जाता
आयुर्वेद ओर यौन स्वास्थ आयुर्वेद मे यौन स्वास्थ को बेहतर बनाने ओर संबंधित समस्याओं (जैसे कमज़ोरी, शीघ्रपतन, या कामेच्छा की कमी) को दूर करने के लिए कई जड़ी-बूटियाँ और योग बताए गए हैं। इन्हे parmaprok आयुर्वेद और यौन स्वास्थ्य आयुर्वेद...
अर्जुन की छाल हृदय की पेशियों को मजबूत बनाती है साथ ही ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हृदय की धड़कन की अनियमितता में अत्यंत लाभ देती है
अर्जुन का पेड़ (Terminalia arjuna) आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में अत्यंत महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष माना गया है। इसे हृदय रोगों की “अमृत औषधि” भी कहा जाता है। यह पेड़ भारत के लगभग सभी हिस्सों में नदियों, तालाबों और जलस्रोतों के...
पोटैशियम (Potassium)। यह एक इलेक्ट्रोलाइट खनिज है जो वात और पित्त दोष को नियंत्रित करता है और शरीर की ऊर्जा धारा को संतुलित रखता है।
हमारे शरीर में कई खनिज (Minerals) होते हैं जो चुपचाप अपना काम करते हैं — उनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण है पोटैशियम (Potassium)। यह एक इलेक्ट्रोलाइट खनिज है जो दिल की धड़कन, मांसपेशियों की गति, तंत्रिका संचार (nerve signaling) और...



