अर्जुन का पेड़ (Terminalia arjuna) आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में अत्यंत महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष माना गया है। इसे हृदय रोगों की “अमृत औषधि” भी कहा जाता है। यह पेड़ भारत के लगभग सभी हिस्सों में नदियों, तालाबों और जलस्रोतों के...
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पोटैशियम (Potassium)। यह एक इलेक्ट्रोलाइट खनिज है जो वात और पित्त दोष को नियंत्रित करता है और शरीर की ऊर्जा धारा को संतुलित रखता है।
हमारे शरीर में कई खनिज (Minerals) होते हैं जो चुपचाप अपना काम करते हैं — उनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण है पोटैशियम (Potassium)। यह एक इलेक्ट्रोलाइट खनिज है जो दिल की धड़कन, मांसपेशियों की गति, तंत्रिका संचार (nerve signaling) और...
अपेंडिक्स को “अन्नवह स्रोतस” (Digestive Channel) का भाग माना गया है, जो अन्न रस (Food Essence) के पाचन और अवशोषण में सहायक मन गया है
हमारे शरीर में कई ऐसे अंग हैं जिन्हें हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन जब वे समस्या देते हैं तो पूरा शरीर प्रभावित हो जाता है। ऐसा ही एक अंग है — अपेंडिक्स (Appendix)। यह एक छोटी सी ट्यूबनुमा...
शरीर में वात, पित्त और कफ का संतुलन बना कर रखता त्रिफला
आज जब दुनिया तेजी से केमिकल आधरित दवाओं और इंस्टेंट आराम की और भाग रही है वही आज भी आयुर्वेद का एक प्राचीन औषधीय- मिश्रण त्रिफला प्राकृतिक और संतुलित गुणों के कारण सबसे भरोसे मंद इलाजो में सुमार है ।...
चिरायता खून को साफ करने वाली बहुत कड़वी औषधि होती है
ये मलेरिया जैसे बुखार को पास आने नहीं देती लिवर पर भी इसका अच्छा कार्य है स्किन के मामले में भी शायद इससे अच्छी कोई औषधि हो चिरायता कुटकी को मिला कर लेने से स्किन के रोग दूर होते है...
शिलाजीत: फायदे, नुकसान और सावधानियां आइए जानते है
शिलाजीत हिमालय और कुछ अन्य पर्वतीय क्षेत्र की चट्टानों से निकलने वाला एक प्राकृतिक चिपचिपा पर्दाथ है। इसे आयुर्वेद में एक रसायन माना जाता है। जिसका अर्थ है कि यह शरीर पुनर्जीवित करने और दीर्घायु बनाने में मदद है। इसके कई लाभ है...
पुनर्नवा क्वाथ: एक प्राचीन औषधि, जिसके अनेक फायदे, लिवर और किडनी के लिए राम बाण है
पुनर्नवा क्वाथ एक पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे पुनर्नवा (Boerhavia diffusa) नामक पौधे की जड़ से बनाया जाता है। यह मुख्य रूप से शरीर में सूजन, मूत्र संबंधी समस्याओं और लिवर विकारों के इलाज के लिए इस्तेमाल होता है। यह...
तालिसादी चूर्ण , हर रोग का अचूक आयुर्वेदिक नुस्खा!
आयुर्वेद की परंपरा में चूर्ण योग का विशेष महत्व है। इन चूर्णों में एक ऐसा अद्भुत और कालजयी योग है - तालिसादी चूर्ण। यह न केवल सर्दी-खाँसी जैसी सामान्य समस्याओं में कारगर है बल्कि पाचन, श्वसन तंत्र और रोग प्रतिरोधक...
आर्थराइटिस – जोड़ो का दुश्मन, समझिए और बचिए !
आज की भाग दौड़ और लचीलापन में गठिया (गठिया) यानी जोड़ों का दर्द और सूजन एक आम ओर गंभीर समस्या बन गई है। पहले इसे बुज़ुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह युवाओं और यहां तक कि बच्चों...
बुख़ार भगाने वाली सर्वश्रेष्ठ ज्वरहर जड़ी-बूटियाँ !
आयुर्वेद में ज्वर (Fever) को केवल तापमान बढ़ना नहीं माना गया, बल्कि यह शरीर के दोष असंतुलन (वात, पित्त, कफ) और आम (विषाक्त पदार्थ) के संचय से उत्पन्न स्थिति है। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में ज्वर को प्रमुख रोगों...



