बारिश का मौसम जैसे ही आता है वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे संक्रमण रोग , वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, पेट से संबंधी रोग और स्किन इंफेक्शन जैसे अन्य समस्याएं तेज़ हो जाती हैं। ऐसे में यदि कोई एक जड़ी-बूटी...
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दालचीनी: जो स्वाद दे भोजन को और ताक़त दे शरीर को!
रसोई की मसालेदार खुशबू में छुपा एक ऐसा तत्व जो न केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि शरीर की कई बीमारियों से रक्षा भी करता है। जी हाँ, हम बात कर रहे • दालचीनी (Cinnamon) की। आयुर्वेद में इसे...
प्याज: सिर्फ़ एक स्वादिष्ट सब्ज़ी ही नहीं, बल्कि एक आयुर्वेदिक औषधि भी है
प्याज भारतीय रसोई का एक ज़रूरी हिस्सा है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, प्याज (पलांडू) एक बेहतरीन औषधि है। इसका उपयोग प्राचीन काल से ही पाचन, त्वचा, बाल, हृदय, यौन स्वास्थ्य जैसी समस्याओं में किया जाता रहा है। चरक संहिता और...
त्रिजात: एक सशक्त त्रिविध औषधि संयोजन इला, त्वक और पत्र का रहस्य !
आयुर्वेद के अनमोल खजाने में एक अत्यंत प्रभावशाली और पारंपरिक औषधीय योग है - त्रिजात (Trijata)। यह तीन औषधीय मसालों - इला (छोटी इलायची), त्वक (दालचीनी) और पत्र (तेजपत्ता) से मिलकर बना होता है। त्रिजात न केवल पाचन, श्वसन और...
आयुर्वेद से करें स्किन डिटॉक्स और पाएं प्राकृतिक निखार!
आज की दुनिया में जहां केमिकल्स और कॉस्मेटिक्स का बोलबाला है, वहीं आयुर्वेद हमें सौंदर्य की ओर लौटने का एक शुद्ध और प्राकृतिक रास्ता दिखाता है। त्वचा केवल सुंदरता का प्रतीक ही नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य का आईना भी होती...
अश्वगंधारिष्ट! आयुर्वेद का ब्रह्मास्त्र “मानसिक, शारीरिक और यौन स्वास्थ्य की एकमात्र औषधि”
अश्वगंधारिष्ट, आयुर्वेद का एक प्रमुख अरिष्ट कल्प है जो मानसिक तनाव, दुर्बलता, अनिंद्रा, थकावट, कमजोरी, स्नायु रोग और पुरुषों में वीर्य की कमी जैसे रोगों में विशेष लाभकारी माना गया है। यह न केवल एक रसायन है बल्कि यह एक...
योगराज गुग्गुलु : वात रोगों का नाशक शत्रु,हड्डियों का मित्र रक्षक
योगराज गुग्गुलु: हड्डियों का रक्षक, वात रोगों का नाशक! योगराज गुग्गुलु न केवल एक आयुर्वेदिक औषधि है, बल्कि यह एक शक्तिशाली बहुउद्देशीय औषधि है जो शरीर में संचित दोषों को दूर करने में सक्षम है। आयुर्वेद के महान ग्रंथों में...
मूंग की दाल जीवन का आधार है-सात्विक और स्वास्थ्य के लिए वरदान !
जब भी हम बीमार होते हैं, तो बड़े-बुज़ुर्ग सबसे पहले कहते हैं, "मूंग की खिचड़ी खाओ।" क्या आपने कभी सोचा है कि आयुर्वेद में हरी मूंग दाल को इतना महत्व क्यों दिया गया है? कई दालों में से, इस दाल...
आकः एक विषैली लेकिन चमत्कारी औषधि है , जो शोधन, वेदनाहर और विषनाशक अन्य रोगो में महत्पूर्ण भूमिका निभाती है
भारत के इतिहास में हजारों वर्षों से प्रचलित आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली में आक (Calotropis procera) एक ऐसी औषधि है जिसे आम लोग जहरीला मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, परंतु वास्तव में यह एक बहुपयोगी औषधीय पौधा है। इसे विभिन्न भाषाओं...
गैस के कारण भी हो सकता है सीने में दर्द, आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानें राहत के लिए कुछ घरेलू उपाय
शरीर के किसी भी हिस्से में अगर गैस फंसी हो तो रक्त संचालन बाधित होने के कारण वहां दर्द होता है। आजकल अधिकतर लोगों की शिकायत रहती है कि उन्हें सीने में जलन और बेचैनी रहती है। इसका कारण उन्हें...



